• Kamal | 27-Jun-2016
    Poems
    » Long
    यादगार    नाम था आपका सुमतिलाल  मति चलती थी बहोत तेज  निर्णय लेते थे सही बराबर  नहीं डरते थे किसीको हिंमतसे  मनमें आया वो करके बताते    प्यार दिया आपने ढेरसारा जुुनरमें जनम हुवा पढाई हुई  एकलौते थे आप माँ बापको सबको  लाडसे प्यारसे बचपन पाया  सबजन डरते थे हमेशा आपको  आप सबका ध्यान रखते थे    प्यार दिया आपने ढेरसारा बाई महाराज सबके लाडले थे बाबालाल  महरजसाब माता पिताकी सेवा करी जानसे आपके पिताजीने कपट उठाये आपके लिए माताने आपका शब्द कभी निचे नहीं गिराया उन्हींका ग्यान लिया और आगे बढते रहे    प्यार दिया आपने ढेरसारा साल ६१ आते ही व्यवसाय छोड़ दिया  दुसरे बच्चोंपे  नज़र रखि दुर धृस्टिसे बच्च्को सिखाया पानीमें दुबे तोह तरना सिखो उन्होंने भी आपसे बहोत कुछ पाया  बच्चोने सम्भाला कारबार सही ढंगसे    प्यार दिया आपने ढेरसारा  आपको बड़ी बड़ी बिमारी आयी घबराये नहीं हिम्मत हम सबको दी  नउ ऑपरेशन हुए आपके बड़े बड़े  बच्चोने बहूरनिंे पोता पोतीने सेवा करी  नियतिने बहोत ध्
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