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जिंदगी

By ketanv in Poems » Short
Updated 11:18 IST May 04, 2017

Views » 226 | 1 min read

हमने तो पूछा जिंदगी से क्यू हमको सताती तू 

भूलती जो रहे उन रहो को सामने क्यू लती तू 

क्यू पास आती तू फिर दूर जाती तू 

सपने दिखके क्यू हमको रुलाती तू 

हमको न दर्द है न किसी मर्ज की जरुरत है 

एह्सासोंको भुला अब चलना ही वक़्त की जरुरत है 

पथरीली राहोसे अबतो गुजरना है

बस अब इजाजत दे खुदसेही लड़ना है.

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