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Ghar

By Kamal in Poems » Short
Updated 12:29 IST Jun 22, 2016

Views » 315 | 1 min read

घर एक घर होता है
घर एक मंदिर होता है
घर एक स्वर्ग होता है
घर एक सपना होता है
घर एक अपना होता है

घर बीना सब अधूरा लगता है
घर बीना कोई हमें पचन्ता नही है
घर बीना कोई हमें पूछता नही है
घर हमें शांती सुख देता है

घर में हमारी जान अड़की हुई रहती है
घर में हमें सब कुछ मिलता है
घर में हमारा सारा परिवार रहता है
घरसे हम बहोत बहोत सारा प्रेम करते है

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