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sujata

हर बार मैं सोचूं ये घाव पुराना भर गया होगा,मगर जब भी याद आया तू, तो हर वो ज़ख्म हरा हो गया... इन रिसते ज़ख्मों को वक़्त कभी सील न सका, नासूर बानी यादें तेरी, इनको उधेड़त... read more...
20-Jun-2017 • 77 views
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