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Shashikant Sharma

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Poems
» Long
तुमने मुझे पाल-पोश कर बड़ा किया, शायद अपने स्वार्थ के लिए, कि बड़ा होकर मैं तुम्हारी सेवा करूंगा, तुम्हारे दुख में साथ रहूंगा, लेकिन देखो ना, मैं कितना स्वार्थी निकला, जो तुम्हे छोड़ द... read more...
29-Jun-2019 • 249 views
जब सब कुछ ठीक होता है, नहीं आती तुम्हारी याद मुझे, जब मैं नाराज़ होता हूँ, सिर्फ तभी तुम्हारा ख्याल आता है, मैं तुम्हारा गुनेहगार सा हूँ, तुम मेरी नाराज़गी जैसी. read more...
05-Jul-2019 • 159 views
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