Abdur Rahman

  • हिजाबों में चेहरा छुपाया बहुत है
    Abdur Rahman | 23-Dec-2016
    1-ख़यालों में भटके, कि यादों में भटके  जहाँ भी जो भटके, वहां दिल से भटके    हर इक आईंना को है ,तेरी तलाश अब  मिलो जिस-को ना तुम , सो आईना चट्खे।    खबर है नहीं  तुम को   ,कुछ मेरे दिल की  बता  ना  सकूं ,चाहकर भी,  मैं खुल-के।   हिजाबों में चेहरा छुपाया बहुत है  ख़ुदा-रा ये  घूंघट ज़रा सा तो सरके।
    0 likes
    0 Comments
Abdur Rahman does not have any followers
Abdur Rahman is not following any kalamkars